Summer express/हमीरपुर, अरविंद -: कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर चिंता जताई है। उन्होंने देशभर में बेरोजगार फार्मासिस्ट युवाओं द्वारा चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से डिग्रीधारी फार्मासिस्टों के रोजगार और अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
डॉ. वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और फार्मेसी काउंसिल द्वारा फार्मासिस्टों के लिए कई नियम और मानक तय किए गए हैं। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज को दवा देने से पहले उसके उपयोग, फायदे और संभावित दुष्प्रभावों की सही जानकारी दी जाए। लेकिन ऑनलाइन माध्यम से दवाइयों की सीधे घर तक डिलीवरी होने पर मरीजों को आवश्यक सलाह कौन देगा, यह एक बड़ा सवाल है।उन्होंने कहा कि सरकार को ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री को बढ़ावा देने की बजाय नकली और घटिया दवाइयों पर सख्ती से रोक लगाने पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि हिमाचल प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में दवाइयों के सैंपल लगातार फेल हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।कांग्रेस नेता ने मांग की कि दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। साथ ही ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए ताकि पढ़े-लिखे बेरोजगार फार्मासिस्ट युवाओं का शोषण रोका जा सके और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।