Summer express, पंचकूला | हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों के लिए राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी राशन डिपो पर अब 5-जी पीओएस मशीनें और डिजिटल कांटे लगाए जाएंगे, जिससे राशन वितरण प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावनाएं कम होंगी।
नई व्यवस्था के तहत राशन डिपो पर डिजिटल कांटे को पीओएस मशीन से जोड़ा जाएगा। तय मात्रा में राशन तौलने के बाद ही कार्डधारक की पहचान प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। सरकार ने फिंगरप्रिंट की जगह अब आई-स्कैनिंग की सुविधा भी शुरू करने का फैसला लिया है, जिससे बुजुर्गों और मजदूर वर्ग को होने वाली दिक्कतें दूर होंगी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी राशन डिपो पर 15 जून तक नई मशीनें पहुंचा दी जाएंगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और डिपो संचालकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। वर्तमान में हरियाणा में 9,247 राशन डिपो संचालित हैं, जहां से करीब 40.69 लाख बीपीएल कार्डधारक राशन प्राप्त कर रहे हैं।
सरकार राज्य में चार हजार से अधिक नए राशन डिपो खोलने की तैयारी भी कर रही है, ताकि लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों में राशन लेने के लिए लंबा सफर न करना पड़े। योजना के तहत लगभग 500 मीटर के दायरे में राशन डिपो उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक डिपो संचालकों के पास 2-जी तकनीक आधारित मशीनें थीं, जिनमें नेटवर्क की समस्या के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा कई बुजुर्गों की उंगलियों के निशान साफ न होने के कारण फिंगरप्रिंट सत्यापन में परेशानी आती थी। नई आई-स्कैनिंग तकनीक से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
राशन कम देने की शिकायतों को लेकर पिछले पांच वर्षों में 82 डिपो संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने कहा कि नई तकनीक लागू होने से राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को पूरा राशन मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं।