Summer express, मुंबई। मुंबई के बांद्रा स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई दूसरे दिन हिंसक हो गई। पश्चिमी रेलवे द्वारा चलाए जा रहे बड़े बुलडोजर अभियान के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बॉम्बे हाई कोर्ट की अनुमति के बाद पश्चिमी रेलवे ने बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर में अवैध कब्जों को हटाने का अभियान शुरू किया था। रेलवे की करीब 5,200 वर्ग मीटर जमीन को खाली कराने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बुधवार को अभियान के दौरान बांद्रा ईस्ट स्काईवॉक के पास बने एक अवैध धार्मिक ढांचे को हटाने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस और रेलवे टीम पर पत्थर, बर्तन और अन्य सामान फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
पुलिस के मुताबिक, झड़प में सात पुलिसकर्मी और छह प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। मामले में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा, सरकारी काम में बाधा और अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिनव देशमुख ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गरीब नगर में कई बहुमंजिला झुग्गियां रेलवे ट्रैक और ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों के बेहद करीब तक फैल चुकी थीं, जिससे ट्रेन संचालन और भविष्य की रेलवे परियोजनाओं पर खतरा मंडरा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई 2017 से लंबित कानूनी प्रक्रिया और बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया आदेश के आधार पर की जा रही है। संयुक्त सर्वेक्षण के बाद करीब 500 अवैध झुग्गियों को हटाने की पहचान की गई थी, जबकि पात्र पाए गए लगभग 100 ढांचों को फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।
रेलवे का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद बांद्रा स्टेशन और आसपास के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का काम शुरू किया जाएगा। यह क्षेत्र बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और रेलवे कॉरिडोर के नजदीक होने के कारण रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं स्थानीय निवासियों का दावा है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनके पास टैक्स रसीदें, पानी के बिल और बिजली कनेक्शन जैसे दस्तावेज मौजूद हैं। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि ईद से ठीक पहले यह कार्रवाई शुरू की गई, जब इलाके में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं।