Summer express/शिमला -:हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में व्यवसाय करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को विभाग की सभी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटाइज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमाण-पत्र, लाइसेंस और अन्य विभागीय सेवाओं की डिजिटल उपलब्धता से लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से प्रदान की जा सकेंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए सहायता दी जाएगी। इसके लिए राज्य बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ हरित परिवहन को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगी।
इसके अलावा सरकार ने इसी वित्तीय वर्ष के दौरान 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान देने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहल स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।व्यापार और उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 तथा उससे संबंधित नियमों में संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति दी गई है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक ओर व्यवसाय करने में सुगमता को मजबूत बना रही है, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण को भी समान महत्व दे रही है। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।