Summer express, जींद। गांव चानौत में पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब प्रशासन और धरना कमेटी के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है। एक तरफ प्रशासन आंदोलन समाप्त कर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की बात कह रहा है, जबकि दूसरी ओर अनशनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर चुके हैं। पानी की मांग को लेकर चल रहा धरना शनिवार को 35वें दिन और आमरण अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया।
उपायुक्त राहुल नरवाल ने को कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आमरण अनशन पर बैठे बुजुर्गों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए। उपायुक्त ने ग्रामीणों से धरना समाप्त कर संवाद के रास्ते आगे बढ़ने की अपील करते हुए सुझाव दिया कि गांव में पांच सदस्यीय वाटर एंड सैनिटेशन कमेटी का गठन किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन चानौत को एक विकसित और आदर्श गांव बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है।
वहीं, गांव चानौत में अनशनकारियों ने पत्रकारों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे किसी दबाव, प्रलोभन या बहकावे में नहीं हैं, बल्कि गांव के पेयजल अधिकार के लिए स्वेच्छा से आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी लड़ी जा रही है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें राजली हेड से पानी की आपूर्ति स्वीकार नहीं है और वे अपनी मूल मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
अनशनकारियों की ओर से जारी शपथपत्र में कहा गया है कि यदि आंदोलन के दौरान उनके स्वास्थ्य या जीवन को किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो इसके लिए विधायक विनोद भयाना और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस बीच स्वास्थ्य जांच में 81 वर्षीय टेकराम दूहन और बलवान दूहन का रक्तचाप काफी कम पाया गया है। वहीं राजकुमार धानक की हृदयगति बढ़ी हुई दर्ज की गई, जबकि दिलबाग दूहन को लगातार उल्टी की शिकायत बताई गई है, जिससे आंदोलनकारियों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने चानौत पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से अब तक गांव के लोगों की मांगों को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। चौटाला ने मांग की कि चानौत गांव को भाखड़ा नहर से ही पानी उपलब्ध कराया जाए और इसके अलावा कोई अन्य व्यवस्था ग्रामीणों को स्वीकार नहीं होगी। इससे साफ है कि पानी के मुद्दे पर चानौत में संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।