Summer express/ धर्मशाला, राहुल -: आयुष विभाग प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।विभाग ने पंचकर्म और पैरा सर्जिकल प्रक्रियाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर और त्वरित उपचार उपलब्ध हो सके। आयुष विभाग की धर्मशाला स्थित उपनिदेशक डॉ. इंदु शर्मा ने बताया कि मरीजों को शीघ्र राहत प्रदान करने वाली पैरा सर्जिकल प्रक्रियाओं को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कपिंग थेरेपी और अग्नि मोक्षण जैसी प्रक्रियाएं कई रोगों में प्रभावी साबित हो रही हैं। विभाग का प्रयास है कि इन सुविधाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों तक भी पहुंचे। इसके लिए विभिन्न आयुष संस्थानों में कार्यरत चिकित्सकों के साथ लगातार चर्चा की जा रही है तथा उन्हें आवश्यक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि आयुष चिकित्सकों को इन प्रक्रियाओं के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि पैरा सर्जिकल प्रक्रियाएं कई मामलों में त्वरित राहत प्रदान करती हैं, इसलिए विभाग इनके विस्तार पर विशेष ध्यान दे रहा है।इसके साथ ही विभाग योग सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी कदम उठा रहा है। योग गाइड्स को अपडेट किया जा रहा है ताकि चिकित्सक मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उचित योगासन, उसकी अवधि और अभ्यास की आवृत्ति के बारे में सटीक जानकारी दे सकें। विभाग चाहता है कि योग को उपचार प्रक्रिया का प्रभावी हिस्सा बनाया जाए।डॉ. इंदु शर्मा ने बताया कि आयुष चिकित्सकों को पंचकर्म सहित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का प्रशिक्षण पहले से प्राप्त है, फिर भी प्रदेशभर में उनका पुनः अभिमुखीकरण (रिओरिएंटेशन) कराया गया है। इसका उद्देश्य चिकित्सकों के ज्ञान और कौशल को और बेहतर बनाना है, ताकि मरीजों को आयुष चिकित्सा की विविध पद्धतियों का अधिकतम लाभ मिल सके।