Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को वाघा बॉर्डर पर रोके जाने के मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल (हरियाणा) ने अंबाला में विरोध जताया। पार्टी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम अंबाला के सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिरोमणि अकाली दल (हरियाणा) के अध्यक्ष हरकेश मोहड़ी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि हरियाणा से पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को वाघा बॉर्डर पर रोक दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं में भारी निराशा और रोष है।
हरकेश मोहड़ी ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के पासपोर्ट और वीजा सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली गई थीं तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी। इसके बावजूद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को समय रहते आवश्यक सूचना नहीं पहुंचाई गई, जिसके कारण श्रद्धालुओं को सीमा से वापस लौटना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब हरियाणा से पाकिस्तान जाने वाले सिख जत्थे को इस तरह सीमा पर रोकना पड़ा है। उनके अनुसार यदि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय होता तो श्रद्धालुओं को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
अकाली दल नेताओं ने प्रशासन पर मामले की जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पूरे घटनाक्रम का ठीकरा संगठन पर फोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वास्तविक जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए श्रद्धालुओं की विदेश यात्राओं और धार्मिक जत्थों के आवागमन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक समन्वय को और मजबूत किया जाए।
इस दौरान अकाली दल के पदाधिकारियों ने कहा कि सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और सरकार को इस पूरे प्रकरण पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।