Summer express/मंडी, धर्मवीर-: मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे परियोजना के निर्माण कार्य ने जहां क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधाओं की उम्मीद जगाई है, वहीं कुछ परिवारों के लिए यह परियोजना गंभीर परेशानियों का कारण भी बन गई है। मंडी शहर के बिजनी क्षेत्र के निवासी मनीष कुमार का परिवार इसका एक उदाहरण है, जो अपने ही घर को छोड़कर किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर हो गया है।मनीष कुमार के अनुसार हाईवे निर्माण के दौरान की गई पहाड़ी कटिंग के बाद समय पर सुरक्षा डंगे (रिटेनिंग वॉल) नहीं लगाए गए। इसके चलते उनके मकान को नुकसान पहुंचा और घर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि परिवार को अपनी सुरक्षा के लिए घर खाली करना पड़ा। वर्तमान में परिवार किराए के कमरों में रह रहा है और अपने ही घर पर ताले लगाने को विवश है।
मनीष का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से संपर्क कर घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। शिकायतों के बाद निर्माण एजेंसी की ओर से कुछ स्थानों पर सुरक्षा डंगे लगाए गए, लेकिन यह कार्य अभी भी अधूरा है। उनका आरोप है कि घर के आंगन तक सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई, जिससे शेष मकान पर भी खतरा बना हुआ है। बरसात के मौसम में मिट्टी खिसकने और भू-स्खलन की आशंका ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।प्रभावित परिवार की सदस्य अंजलि ने बताया कि किराए के मकान में दो परिवारों का गुजारा करना बेहद कठिन हो रहा है। आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है और मानसिक तनाव भी कम नहीं हो रहा। उन्होंने प्रशासन और निर्माण कंपनी से मांग की है कि घर के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि बची हुई संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माण कार्य कर रही गावर कंपनी के संपर्क एवं समन्वय अधिकारी संदीप वर्मा ने प्रभावित परिवार के घर का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग की निर्धारित सीमा (आरओडब्ल्यू) के अंतर्गत लगभग 20 मीटर तक सुरक्षा डंगे लगाए जा चुके हैं। हालांकि निजी भूमि पर अतिरिक्त निर्माण कार्य संबंधित अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
संदीप वर्मा ने कहा कि यदि प्रभावित परिवार लिखित रूप में हल्फनामा देकर अनुमति प्रदान करता है, तो मामले को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के समक्ष रखा जाएगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिरिक्त सुरक्षा कार्य करवाने पर विचार किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि मंडी-पधर खंड में हाईवे निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समय रहते समाधान होना भी उतना ही आवश्यक है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी जल्द उचित कदम उठाकर प्रभावित परिवार को राहत प्रदान करेंगे।