धर्मशाला वन मंडल में जंगलों में आग के 80 मामले, 347 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित

Karuna
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Summer express, राहुल चावला, धर्मशाला  | धर्मशाला वन मंडल के अंतर्गत जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। धर्मशाला शहर के समीप सराह और बनडी क्षेत्र में जंगलों में आग लगने के दो मामले सामने आए, जिन पर वन विभाग की टीम ने करीब साढ़े चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया।

डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि दोनों आगजनी की घटनाओं की सूचना शाम करीब साढ़े पांच बजे मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमों को मौके पर रवाना किया गया और रात करीब साढ़े नौ बजे तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों में लोग घासनियों की सफाई के लिए आग लगाते हैं, जो बाद में फैलकर जंगलों तक पहुंच जाती है और बड़े नुकसान का कारण बनती है।

डीएफओ के अनुसार वन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अब तक जंगलों में आग लगने के 78 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। सराह और बनडी की घटनाओं को अपडेट करने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 80 हो जाएगी। इन घटनाओं से अब तक करीब 347 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जबकि प्रथम आकलन रिपोर्ट के अनुसार वन मंडल धर्मशाला को लगभग 92 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

अमित शर्मा ने बताया कि आग से हुए नुकसान का अंतिम आकलन बरसात के बाद सेकेंड टियर मॉनिटरिंग के दौरान किया जाता है। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में पौधरोपण किया जाता है और कई पौधे प्राकृतिक रूप से दोबारा विकसित हो जाते हैं, जिससे वास्तविक नुकसान के आंकड़ों में कमी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों का दुर्गम भूभाग, 60 से 70 प्रतिशत तक की ढलान, तेज हवाएं और पानी की कमी जंगलों में आग बुझाने के कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बना देती है। कई बार कर्मचारियों को पीने का पानी भी अपने साथ लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में फायर लाइन बनाकर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया जाता है।

डीएफओ ने कहा कि वन विभाग के लिए आग बुझाने में जुटे कर्मचारियों और ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद विभाग की पूरी कोशिश रहती है कि जंगलों में लगी आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए और वन संपदा को अधिक नुकसान से बचाया जा सके।

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