शिमला, 25 जून-: जिला शिमला में सेब सीजन-2026 के सफल एवं सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेब परिवहन, यातायात प्रबंधन, मालभाड़ा निर्धारण, नियंत्रण कक्षों की स्थापना, श्रमिकों की उपलब्धता तथा पैकेजिंग सामग्री सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सेब सीजन के दौरान बागवानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा परिवहन और विपणन व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जाएं। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए बागवानों को निर्बाध सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया।
परिवहन व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में सेब उत्पादकों, ट्रक ऑपरेटरों और पिकअप यूनियनों के साथ बैठक कर परिवहन वाहनों की आवश्यकता का आकलन करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर बाहरी जिलों एवं राज्यों से अतिरिक्त ट्रकों की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही सेब तुड़ाई और ढुलाई के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।
किलो और टन के आधार पर तय होगा मालभाड़ा
परिवहन दरों के निर्धारण के लिए एसडीएम, डीएसपी, लोक निर्माण विभाग और एचआरटीसी प्रतिनिधियों की समिति गठित की जाएगी। मालभाड़ा बॉक्स के बजाय किलोग्राम अथवा टन के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। सड़क की स्थिति, डीजल की कीमत और माल के भार को ध्यान में रखते हुए दरें तय की जाएंगी, जिन्हें नियंत्रण कक्षों और प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा।
15 जुलाई तक फागू में स्थापित होगा मुख्य नियंत्रण कक्ष
सेब सीजन की निगरानी के लिए मुख्य नियंत्रण कक्ष 15 जुलाई तक फागू में स्थापित किया जाएगा, जिसका संचालन एसडीएम ठियोग करेंगे। नियंत्रण कक्ष में टेलीफोन, फैक्स, सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था रहेगी। सेब के बक्सों की गणना केवल निकास बिंदुओं और मुख्य नियंत्रण कक्ष फागू में एक बार ही की जाएगी।
चालकों और क्लीनरों को जारी होंगे पहचान पत्र
सेब परिवहन में लगे सभी वाहनों के चालकों और क्लीनरों को फागू नियंत्रण कक्ष से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। पुलिस कर्मी चालकों की पहचान और ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन करेंगे।
निर्धारित किया गया पंजीकरण शुल्क
प्रशासन ने परिवहन वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क भी निर्धारित किया है। पिकअप एवं चार पहिया वाहनों के लिए 200 रुपये, ट्रक एवं छह पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये तथा ट्राला एवं बड़े वाहनों के लिए 1000 रुपये शुल्क तय किया गया है।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष रूट प्लान
यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया जाएगा। सेब से लदे ट्रकों को शिमला शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और उन्हें ढली-मेहली बाईपास मार्ग से भेजा जाएगा। वहीं, सेब से लदे ट्रालों के लिए सुबह 5 बजे से रात 9:30 बजे तक ठियोग-शिमला मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। मंडियों में भीड़ कम करने के लिए भट्टाकुफर मंडी में केवल नमूना बॉक्स ही लाए जाएंगे।
पैकेजिंग सामग्री की समय पर होगी उपलब्धता
एचपीएमसी और हिमफेड को सेब पेटियों, कार्टनों तथा अन्य पैकेजिंग सामग्री की दरें समय रहते निर्धारित करने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पैकेजिंग सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस वर्ष उत्पादन में कमी का अनुमान
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 के दौरान जिला शिमला में लगभग 2.31 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन का अनुमान है, जबकि वर्ष 2025-26 में 4.41 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन दर्ज किया गया था। इससे इस वर्ष उत्पादन में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना जताई गई है।