Summer express/मंडी, धर्मवीर-: हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। मंडी में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला बोला है। मंडी में मीडिया से बातचीत के दौरान जयराम ने कहा कि भाजपा ने न तो पहले हिमाचल बेचने की इजाजत किसी को दी थी औैर न अब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार हिमाचल ऑन सेल के इरादे से कार्य कर रही है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल पर फैसला करीब अढ़ाई साल पहले ही आ चुका था। लेकिन वरिष्ठ वकील मनु सिंघवी ने दूसरी पार्टी ओबरॉय की ओर से सुक्खू सरकार पर दबाव बनाए रखें।
अब जब इस पर आखिरी फैसला आया तो सुक्खू इसे अपनी उपलब्धि गिनाने में लग गए हैं। जबकि मुकाम तक इस मामले को पहुंचाने का काम पूर्व भाजपा सरकार ने किया था और अब मौजूदा सुक्खू सरकार इसे बेचने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जीत का श्रेय किसी एक सरकार को नहीं, बल्कि प्रदेश की तमाम पूर्व सरकारों को जाता है, जिन्होंने अलग-अलग समय में इस लड़ाई को आगे बढ़ाया। जयराम ठाकुर ने नीलामी की टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, उससे यह आशंका पैदा हो रही है कि पूरी प्रक्रिया किसी एक व्यक्ति या समूह को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है।
वहीं इस मौके पर 25 जून 1975 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल पर भी नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस को घेरा। जयराम ने कहा कि आज कांग्रेसी नेता केंद्र पर लोकतंत्र की दुहाई के आरोप लगा रहे है। जबकि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगातार रातों रात लाखों बेगुनाह लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। इसके अलावा अन्य पार्टी नेताओं को चुन चुन राजनीतिक दृष्टि से प्रताड़ित भी किया गया था। आजाद भारत के इतिहास में यह पहली ऐसी घटना थी, जिसमें कांग्रेसी नेतृत्व ने लोकतंत्र को गला घोंट दिया था।