Summer express,जींद I हरियाणा पुलिस के आदर्श वाक्य “सेवा, सुरक्षा, सहयोग” के बीच एक नया विवाद सामने आया है। हरियाणवी गायक मासूम शर्मा और उनकी टीम पर आरोप लगे हैं कि उन्हें उपलब्ध कराई गई पुलिस सुरक्षा का इस्तेमाल सुरक्षा उद्देश्यों के बजाय सोशल मीडिया पर प्रभाव और दबदबा दिखाने के लिए किया जा रहा है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, मासूम शर्मा और उनकी टीम के कुछ सदस्य पुलिस सुरक्षा के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ इंस्टाग्राम पर रीलें बनाकर साझा कर रहे हैं। इन वीडियो में कथित तौर पर बदमाशी और गैंगस्टर थीम वाले गानों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकारी सुरक्षा का इस प्रकार के सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किया जा सकता है।
आरोप है कि मासूम शर्मा की टीम से जुड़े विकास रजाना के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कई ऐसी रीलें मौजूद हैं, जिनमें टीम के सदस्य पुलिस सुरक्षा के बीच गैंगस्टर थीम वाले गानों पर वीडियो बनाते नजर आते हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की सामग्री युवाओं के बीच गलत संदेश प्रसारित कर सकती है और पुलिस सुरक्षा के वास्तविक उद्देश्य पर भी सवाल खड़े करती है।
गौरतलब है कि हरियाणवी गायक मासूम शर्मा ने पूर्व में जान से मारने की धमकियों का हवाला देते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। अब आरोपों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी कलाकार या अन्य व्यक्ति ने पुलिस सुरक्षा का दुरुपयोग किया है, पुलिसकर्मियों के साथ अनुचित रीलें बनाई हैं या सोशल मीडिया पर हथियारों अथवा आपराधिक छवि को बढ़ावा देने वाली सामग्री प्रसारित की है, तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच के बाद इस मामले में क्या कदम उठाती है।