भिवानी। हरियाणा के प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के रूप में प्राप्त आभूषणों से जुड़े मामले में प्रशासनिक जांच अब पुलिस कार्रवाई के चरण में पहुंच गई है। प्रदेश के पहले स्वर्ण मंदिर के रूप में पहचान रखने वाले इस मंदिर से जुड़े प्रकरण में लोहारू थाना पुलिस ने देर रात मंदिर प्रबंधन के एक पूर्व कर्मचारी आशीष को गिरफ्तार कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले अतिरिक्त उपायुक्त बाबूलाल करवा के समक्ष शिकायतकर्ता, मंदिर प्रबंधन और अन्य संबंधित पक्षों की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक सुनवाई हुई। प्रशासन द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य तथ्यों की समीक्षा के बाद तैयार की गई रिपोर्ट पुलिस को सौंपी गई, जिसके आधार पर लोहारू थाना में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए पहाड़ी गांव स्थित आरोपी के घर से उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में की गई जांच कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर से करीब 13 तोले सोना, चांदी के आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया था। इसके अलावा आरोपी द्वारा कुछ खरीद संबंधी बिल भी प्रस्तुत किए गए हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि बरामद आभूषणों, दस्तावेजों और पूरे मामले से जुड़े तथ्यों की विस्तार से जांच की जा सके।
जांच एजेंसियों ने मंदिर परिसर और धर्मशाला में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। पुलिस चढ़ावे की गणना प्रक्रिया, आभूषणों के रखरखाव, उनके आवागमन और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का अन्य दस्तावेजी रिकॉर्ड के साथ मिलान कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने और वास्तविक घटनाक्रम सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस जांच का दायरा अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे की गणना, सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और निगरानी प्रक्रिया के दौरान किन-किन लोगों की जिम्मेदारी थी। यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है, तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस बीच, मामले के शिकायतकर्ता और समाजसेवी नरेश पहाड़ी ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रकरण को सार्वजनिक करने के बाद उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।
गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले बहुमूल्य आभूषणों की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े आभूषण प्रकरण के बाद अब पहाड़ी माता मंदिर का यह मामला भी प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।