चंडीगढ़/नई दिल्ली। अभिनेता एवं गायक दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी-5 से हटाए जाने के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्लेटफॉर्म ने फिल्म को भारत में अनुपलब्ध कर दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम-2021 के तहत सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कानूनी दायित्वों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की गई। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है और पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था। जी-5 ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण फिल्म को फिलहाल भारत में हटाया गया है।
साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा कि वह उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम कर रही है। फिल्म हटाए जाने पर निर्देशक हनी त्रेहान के समर्थन में फिल्मकार अनुराग कश्यप सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर हनी त्रेहान की तुलना ईरानी फिल्मकार जाफर पनाही से करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि भारत में भी किसी निर्देशक को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
उनके बयान के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप पर नई बहस शुरू हो गई।