छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राव नरेंद्र सिंह का युवाओं से संवाद, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

Karuna
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Summer express, पलवल,सुंदर कुंडू। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने  पलवल के गांव टीकरी ब्राह्मण स्थित केसीएम पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ युवा जनसंवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नेत्रपाल अधाना, गिरीश भारद्वाज समेत कई कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि युवा जनसंवाद के दौरान छात्रों ने शिक्षा प्रणाली से जुड़ी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। उन्होंने कहा कि आज लाखों छात्र नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं के कारण कई छात्र मानसिक तनाव का शिकार हुए और कुछ ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया।

उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसका मकसद युवाओं का मार्गदर्शन करना और उन्हें सही दिशा दिखाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें देश के युवाओं को जागरूक और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।

राव नरेंद्र सिंह ने शिक्षा बजट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश का वार्षिक शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि केवल नीट परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़ी प्रक्रिया पर छात्रों का खर्च लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर प्राथमिकता से काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के प्रतिभाशाली युवाओं को डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अपने भविष्य और देश के प्रति जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि एचटेट परीक्षा के आयोजन में भी सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं पर माफियाओं का कब्जा हो गया है, जिससे मेहनती छात्रों का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की।

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