समर न्यूज। चंडीगढ़
चंडीगढ़ प्रशासन शहर के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने जा रहा है। अब नौकरीपेशा और दिनभर व्यस्त रहने वाले लोगों को सामान्य ओपीडी के लिए कार्यालय से छुट्टी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले चरण में सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल (जीएमएसएच-16) और मनीमाजरा सिविल अस्पताल में इवनिंग ओपीडी शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस पहल का उद्देश्य कामकाजी लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और नियमित फॉलो-अप वाले मरीजों को शाम के समय भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इवनिंग ओपीडी शाम 5 बजे से 7 बजे तक संचालित की जाएगी। इसमें मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा बाल रोग जैसे प्रमुख विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। मरीजों का पंजीकरण सामान्य प्रक्रिया के तहत होगा और आवश्यक जांच तथा परामर्श भी अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस व्यवस्था को अच्छा प्रतिसाद मिला तो इसे शहर के अन्य सरकारी अस्पतालों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
इवनिंग ओपीडी शुरू करने का प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन था। अस्पतालों में आवश्यक बुनियादी ढांचा पहले से उपलब्ध था, लेकिन चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण इसे लागू करने में देरी हुई। प्रशासन ने अतिरिक्त चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था कर इस
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है।
इसका एक प्रमुख उद्देश्य सुबह की ओपीडी पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करना भी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शाम की ओपीडी शुरू होने से निजी अस्पतालों पर निर्भरता कुछ हद तक कम होगी और ऐसे मरीज, जो कार्यालय या व्यवसाय के कारण सुबह अस्पताल नहीं पहुंच पाते, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। नियमित जांच, पुरानी बीमारियों के फॉलो-अप और सामान्य स्वास्थ्य परामर्श के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि इवनिंग ओपीडी की कार्यप्रणाली पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। मरीजों की संख्या, सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा के बाद भविष्य में सेक्टर-22 और सेक्टर-45 के सिविल अस्पतालों सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को उनकी सुविधा के अनुरूप बेहतर और सुलभ सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।