Summer express, यमुनानगर। जिले के छछरौली क्षेत्र के गांव जलाहू माजरा के जंगल में सोमवार को एक विशालकाय अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित जंगल में अजगर के दिखने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर वन एवं वन्य जीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में उसे कलेसर वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार अजगर का पेट काफी फूला हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उसने कुछ समय पहले बकरी के एक बच्चे का शिकार कर उसे निगल लिया था। हालांकि मौके पर लोगों की भीड़ और शोर-शराबे के कारण अजगर ने बाद में शिकार को उगल दिया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने बिना किसी नुकसान के उसे अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
वन एवं वन्य जीव विभाग के निरीक्षक राजवीर ने बताया कि बरसात के मौसम में तेज जल बहाव और प्राकृतिक आवास प्रभावित होने के कारण अजगर सहित कई वन्य जीव जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अजगर सामान्यतः शांत स्वभाव का होता है और बिना उकसावे के इंसानों पर हमला नहीं करता। इसके बावजूद किसी भी वन्य जीव के पास जाने, उसे पकड़ने या छेड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
राजवीर ने बताया कि कलेसर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभयारण्य प्रदेश का महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्र है, जहां अजगर, हाथी, तेंदुआ समेत कई दुर्लभ वन्य जीव पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना के कारण अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो सका और उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अजगर या अन्य वन्य जीव दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, भीड़ न जुटने दें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि वन्य जीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।