Summer express/शिमला,संजू -:मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता ने शिमला जिले की ग्राम पंचायत मेहली के पुजारली निवासी आकाश के जीवन को नई दिशा दी है। योजना के अंतर्गत प्राप्त स्टार्टअप फंड की मदद से आकाश ने पुजारली में ‘द फर्स्ट इंस्पेक्शन’ नाम से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान शुरू की है। मंगलवार को जिलाधीश अनुपम कश्यप ने दुकान का शुभारंभ कर आकाश का उत्साहवर्धन किया।
द फर्स्ट इंस्पेक्शन’ मोबाइल रिपेयर शॉप, जिलाधीश अनुपम कश्यप ने किया शुभारंभ
इस अवसर पर जिलाधीश अनुपम कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना राज्य के ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से ऐसे युवा अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। आकाश की सफलता अन्य लाभार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि शिमला जिले में अब तक आठ ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार शुरू कर चुके हैं, जो मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
कठिन परिस्थितियों से आत्मनिर्भरता तक का सफर
आकाश के जीवन में वर्ष 2020 और 2021 बेहद कठिन रहे। दिसंबर 2020 में उनके पिता चंद्र कुमार शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया, जबकि एक वर्ष बाद दिसंबर 2021 में उनकी माता नीतू शर्मा भी इस दुनिया से चली गईं। माता-पिता के निधन के बाद आकाश और उनके भाई प्रकाश पर विपरीत परिस्थितियों का पहाड़ टूट पड़ा।वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू होने के बाद आकाश को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा मिला और उन्हें प्रतिमाह 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलने लगी। इसी सहायता ने उन्हें अपने भविष्य के लिए नए सपने देखने का अवसर दिया।
आकाश ने पीजीडीसीए डिप्लोमा किया, जिसकी 23 हजार रुपये की फीस विभाग द्वारा वहन की गई। इसके बाद मार्च 2026 में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत उन्हें चंडीगढ़ में मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने पुजारली में अपनी मोबाइल रिपेयरिंग शॉप स्थापित की। अब तक उन्हें योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए 1.40 लाख रुपये का स्टार्टअप फंड जारी किया जा चुका है, जबकि 60 हजार रुपये की अंतिम किश्त के लिए आवेदन किया गया है।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
आकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा बनी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली मासिक वित्तीय सहायता ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। उन्होंने इग्नू से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और बाद में मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिली दो लाख रुपये तक की सहायता से प्रशिक्षण और दुकान स्थापित करना संभव हो पाया। आकाश ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को परिवार का संरक्षण देकर उनके जीवन को नई दिशा दी है।इस अवसर पर सीडीपीओ शिमला इंदु शर्मा सहित स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।