Summer express, अंकुर कपूर , चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित हरियाणा दौरे से पहले उन्हें पत्र भेजकर सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। पार्टी ने साथ ही राजस्थान को पानी उपलब्ध कराने से जुड़े समझौते को रद्द करने की मांग भी उठाई है।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एसवाईएल मुद्दे पर केंद्र और भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से यह मामला लंबित है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो राजस्थान को हरियाणा का पानी दिए जाने का लगातार विरोध कर रही है। उनका कहना था कि यदि सरकार राजस्थान तक पानी पहुंचाने के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का प्रयास करती है तो इनेलो इसका विरोध करेगी और पाइपलाइन नहीं बिछने देगी। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में हुए समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में हरियाणा के जल हितों की रक्षा करने और एसवाईएल विवाद का जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया गया है, ताकि राज्य के किसानों और आम लोगों के हित सुरक्षित रह सकें।
अभय चौटाला ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनेलो ने कांग्रेस शासनकाल में हुए कथित घोटालों की चार्जशीट सरकार को सौंपी थी, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों से संबंधित जानकारी भी सरकार को दी गई, लेकिन उनकी भी निष्पक्ष जांच नहीं कराई जा रही है।
हरियाणा और पंजाब की मौजूदा सरकारों पर टिप्पणी करते हुए अभय चौटाला ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को “डम्मी मुख्यमंत्री” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री के फैसले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रभाव में लिए जाते हैं, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री भी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं।
इनेलो नेता ने कहा कि पार्टी राज्य के जल अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी और सरकार के हर उस फैसले का विरोध करेगी, जिसे वह हरियाणा के हितों के खिलाफ मानती है।