Summer express, अनुज पांचाल , गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ऑनलाइन ग्रॉसरी कंपनी के 26 वर्षीय डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना से गुस्साए डिलीवरी राइडर्स ने हाईवे पर प्रदर्शन किया, जिसके चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और शहर में कई स्थानों पर होम डिलीवरी सेवाएं भी ठप रहीं।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के अयोध्या निवासी अनिल के रूप में हुई है। वह पिछले करीब दो वर्षों से ऑनलाइन ग्रॉसरी कंपनी जेप्टो में डिलीवरी बॉय के तौर पर कार्यरत था। गुरुवार सुबह वह डिलीवरी के लिए निकला था। इसी दौरान खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित डंपर ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि अनिल डंपर के पहियों के नीचे आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद डंपर चालक कुछ देर के लिए वाहन से नीचे उतरा, लेकिन घायल की मदद करने के बजाय मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल अनिल ने सड़क पर ही दम तोड़ दिया। उसके कंधे पर टंगा कंपनी का डिलीवरी बैग हादसे के बाद भी वहीं पड़ा मिला।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में डिलीवरी राइडर्स मौके पर पहुंच गए। साथी की मौत से आक्रोशित कर्मचारियों ने पुलिस और एंबुलेंस की देरी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय तक शव उठाने का विरोध किया। इस दौरान मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और एंबुलेंस कर्मी के साथ धक्का-मुक्की की भी सूचना है।
साथी की मौत के विरोध में गुरुग्राम में कई डिलीवरी राइडर्स ने काम बंद कर दिया, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में ऑनलाइन ग्रॉसरी और अन्य होम डिलीवरी सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रदर्शन के कारण एनएच-48 पर मानेसर की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे राइडर्स को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है, जबकि फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। साथ ही कंपनी के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि मृतक के परिजनों को नियमानुसार सहायता और अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़कों पर दिन-रात काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क पर भारी वाहनों की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।