Summer express/शिमला, संजू -: हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन को लेकर राज्य सरकार ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बागवानी, राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस बार सेब खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।उन्होंने बताया कि सरकार ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) के तहत नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया है, जिससे सेब खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।जगत सिंह नेगी ने कहा कि एचएमआईएस पोर्टल पर सेब उत्पादकों को आधार संख्या, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी देकर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद किसान अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन समय स्लॉट भी बुक कर सकेंगे। इससे मंडियों में अनावश्यक भीड़ और लंबे इंतजार की समस्या कम होगी। उन्होंने कहा कि खरीद और भुगतान की पूरी जानकारी किसानों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और बागवानों को समय पर सूचना मिल सकेगी।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है, जिसका उद्देश्य बागवानों को बिचौलियों के शोषण से बचाना और पैकेजिंग व्यवस्था में एकरूपता लाना है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को लेकर कुछ लोग भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकार ऐसी भ्रामक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करेगी।उन्होंने बागवानों से अपील की कि यूनिवर्सल कार्टन में निर्धारित क्षमता से अधिक सेब न भरें। ऐसा करने से फलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है और नुकसान का सामना स्वयं उत्पादकों को करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पूरे सेब सीजन के दौरान किसानों और बागवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान जगत सिंह नेगी ने अपने राजनीतिक कार्यक्रमों और कांग्रेस संगठन से जुड़ी चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह किसी भी व्यक्ति से नाराज़ नहीं हैं और उनके सचिवालय नहीं आने या कांग्रेस की हालिया आम बैठक में शामिल न होने के पीछे केवल पहले से निर्धारित निजी कार्यक्रम थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर उनकी कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से कोई बातचीत नहीं हुई है।मंत्री ने कहा कि यदि व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी है तो उसका समाधान व्यवस्था के भीतर रहकर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वह सिस्टम में रहकर ही सिस्टम को मजबूत और बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत नाराज़गी जैसी बातें निराधार हैं और उनका पूरा ध्यान प्रदेश के किसानों, बागवानों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।