समर न्यूज | जम्मू
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में प्रकृति ने विनाशकारी रूप धारण कर लिया है। रविवार को हुई मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस आपदा में 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
बाढ़ का सबसे घातक प्रभाव पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में देखने को मिला है, जहां खराब मौसम और फ्लैश फ्लड के कारण 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राजौरी में भी बाढ़ की चपेट में आने से एक महिला ने दम तोड़ दिया। मरने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। अधिकतर मौतें सबसे ज़्यादा प्रभावित सुरनकोट तहसील से हुई हैं। यहाँ प्रशासन ने फँसे हुए लोगों तक पहुंचने, प्रभावित इलाकों को साफ़ करने और प्रभावित लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए बचाव दल तैनात किए हैं और राहत कार्य तेज़ कर दिए हैं। पुंछ के नूनाबंदी गाँव में घर ढहने से एक 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई। उसके पति और तीन बच्चों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुँचाया गया है।
लोअर मुर्राह गाँव में एक मकान पर चट्टाने गिरने से मकान-मालिक और परिवार के पाँच अन्य सदस्य लापता हो गए। मरहोट गाँव में एक लड़की नाले में डूब गई, जबकि ज़िले में धुंडक लाथूंग पुल के पास नाले से एक अज्ञात महिला का शव निकाला गया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कई रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने से लोग फंस गए थे। भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रही हैं।
बस स्टैंड का मिटा नामो-निशान, बह गईं 250 कारें
राजौरी जिले में बाढ़ का मंजर बेहद खौफनाक रहा। तड़के करीब 3 बजे आई बाढ़ ने बेला बस स्टैंड के निचले इलाके को पूरी तरह जलमग्न कर दिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, देखते ही देखते 200 से 250 कारें पानी के तेज बहाव में बह गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कारों को खिलौनों की तरह बहते हुए देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब बस स्टैंड का कोई निशान तक बाकी नहीं बचा है और दो मकान भी पूरी तरह ढह गए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लगातार वर्षा और अचानक आई बाढ़ के बाद राजौरी और पुंछ में बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों को सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आपातकालीन टीमें किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई दुखद मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजौरी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात कर रात में हुई तेज वर्षा के बाद राजौरी जिले में आई बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहायता करेगी।