Summer express/मंडी /धर्मवीर-: जिला मंडी के तहत पड़ने वाले विकास खंड बल्ह की ग्राम पंचायत मलथेहड़ में श्मशान घाट जोलटू नाला निर्माण कार्य में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि कागजों में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों द्वारा श्मशान घाट के कार्य को पूर्ण बताकर ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कही हटकर है। करीब 6 साल बीत जाने के बाद भी श्माशान घाट स्लेब नहीं लग पाया है। पंचायत के निवासी वेद प्रकाश नायक ने उपायुक्त मंडी को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
2020 में पिल्लर और ढांचे के लिए पहले ही खर्च हो चुके हैं 82 हजार
शिकायत के अनुसार वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत तत्कालीन वार्ड सदस्य जय वर्धन की देखरेख में श्मशान घाट का निर्माण कार्य किया गयाा। उस समय लगभग 82 हजार रुपये खर्च कर केवल पिलर और ढांचा तैयार किया गया, जबकि श्मशान घाट पर स्लैब नहीं डाला गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन प्रधान द्वारा आवश्यक निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई गई, जिसके कारण कार्य अधूरा रह गया। स्लैब निर्माण के लिए खरीदा गया सरिया आज भी उनके घर में रखा हुआ है, जिसकी जानकारी ग्रामीणों और तत्कालीन वार्ड सदस्य को भी है। वेद प्रकाश नायक का आरोप है कि इसके बावजूद वर्ष 2025-26 में 15वें वित्त आयोग की राशि से इस अधूरे कार्य को पूर्ण दर्शाते हुए विभिन्न मदों में कुल 94,573 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया गया। उनका कहना है कि मौके पर आज भी श्मशान घाट पर स्लैब नहीं है, केवल सरिया खुला पड़ा है और नीचे शटरिंग तक नहीं लगी है।
पंचायत पोर्टल पर किए गए कई भुगतानों उल्लेख:
शिकायत में पंचायत पोर्टल पर कई भुगतानों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें वाउचर संख्या 15वां वित्त आयोग यानी
एक्सवीएफसी/2025-26/पी/22 के तहत 33,915 रुपये, पी/26 के तहत 24,000 रुपये, पी/27 के तहत 18,000 रुपये, पी/28 के तहत 11,518 रुपये और पी/29 के तहत 7,140 रुपये के भुगतान का जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से मास्टर रोल संख्या 021140 के विरुद्ध दो अलग-अलग भुगतानों के माध्यम से कुल 29 हजार 518 रुपये के भुगतान की भी जांच की मांग की है। शिकायत में सवाल उठाया गया है कि जब निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो माप पुस्तिका (एमबी) किस तकनीकी सहायक या जूनियर इंजीनियर ने तैयार की, गुणवत्ता प्रमाणन किस अधिकारी ने किया और भुगतान किस सक्षम अधिकारी की स्वीकृति से जारी हुआ।
उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के आरोप:
वेद प्रकाश नायक ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत मलथेहड़ में कथित अनियमितताओं को लेकर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सीडब्ल्यूपीआईएल नंबर. 13 ऑफ 2024 (23 दिसंबर 2024) और सीडब्ल्यूपी नंबर . 20411 ऑफ 2025 (23 दिसंबर 2025) में भी आदेश पारित किए जा चुके हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद वित्तीय अनियमितताओं पर रोक नहीं लग सकी। शिकायतकर्ता ने उपायुक्त से मांग की है कि श्मशान घाट निर्माण कार्य का संयुक्त स्थल निरीक्षण कराया जाए, वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के सभी हाजिरी रजिस्टर, माप पुस्तिका, तकनीकी स्वीकृति, बिल, वाउचर और भुगतान अभिलेखों की जांच करवाई जाए। साथ ही बिना कार्य पूरा हुए भुगतान स्वीकृत करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, सरकारी धन की वसूली करने व जांच पूरी होने तक संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही शिकायतकर्ता ने मामले में की गई कार्रवाई से उन्हें लिखित रूप में अवगत कराने की भी मांग की है।