Summer express, सिरसा।हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सिरसा में आयोजित जन शिकायत निवारण (ग्रीवेंस) बैठक के दौरान विभिन्न मामलों में लापरवाही और अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस, बिजली निगम और राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से निलंबन, चार्जशीट और जांच के आदेश जारी किए।
बैठक के दौरान रानियां थाना में तैनात एएसआई राजेश को एक नाबालिग से कथित तौर पर समझौते पर हस्ताक्षर करवाने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह शिकायत नाबालिग की मां कैलाश कौर ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी। शिकायत में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिजली निगम से जुड़े एक मामले में भी मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाई। ट्यूबवेल कनेक्शन से संबंधित शिकायत की सुनवाई के दौरान बिना आवश्यक दस्तावेजों की जांच किए कनेक्शन जारी किए जाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित एसडीओ को निलंबित करने और जेई के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के आदेश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने झूठीखेड़ा गांव में कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामले की विजिलेंस जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सेक्टर-21 में प्लॉट आवंटन से जुड़ी शिकायत पर भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। शिकायतकर्ता विजय कुमार ने आरोप लगाया कि सभी निर्धारित किस्तें जमा करने के बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्रीवेंस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।