समर न्यूज | चंडीगढ़
चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही के मामले में पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। शिकायत के अनुसार, एक स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था और बस का दरवाजा भी खुला हुआ था। बस में कंडक्टर के मौजूद नहीं होने का भी आरोप है। मामले को बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा मानते हुए आयोग ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
मानवाधिकार आयोग ने चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग और यातायात पुलिस से मामले में की गई कार्रवाई और जांच की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि स्कूल बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को क्यों बैठाया गया और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ। मामले में बस के संचालक और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आ सकती है।
{स्कूल बसों की सुरक्षा पर सवाल% घटना ने शहर में स्कूली परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग, बस में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी और चलते वाहन का दरवाजा खुला रहना बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अब आयोग की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और यातायात पुलिस की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित बस के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।