अशवनी पाहवा/ अभिषेक जलोटा
लुधियाना | समर न्यूज
शहर के प्रसिद्ध ग्रीन लैंड स्कूल की सिविल सिटी ब्रांच के बाहर शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभिभावकों ने फीस बढ़ोतरी और अन्य अतिरिक्त शुल्कों को लेकर प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमाने ढंग से फीस वसूलने का आरोप लगाते हुए शुल्कों में कटौती की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल अभिभावक साहिल कपूर ने आरोप लगाया कि स्कूल हर साल फीस में भारी बढ़ोतरी कर रहा है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावक फीस देने से पीछे नहीं हट रहे, लेकिन स्कूल की ओर से लगाए जा रहे अतिरिक्त शुल्कों पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से री-एडमिशन फीस, एग्जामिनेशन फीस और मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर अतिरिक्त राशि ली जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो बच्चे पहले से स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनसे हर साल री-एडमिशन फीस क्यों ली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि एक बच्चे से करीब 10,500 रुपये री-एडमिशन फीस ली जा रही है। जिन परिवारों के दो या तीन बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें 30 से 32 हजार रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।
अभिभावकों ने कहा कि वे पहले ही मासिक फीस, परीक्षा शुल्क और अन्य शैक्षणिक खर्च जमा कर रहे हैं। इसके बावजूद अतिरिक्त चार्ज लगाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी फीस लेने के बावजूद स्कूल की ओर से सुविधाएं भी संतोषजनक नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से अतिरिक्त शुल्कों को कम करने की अपील की।
एग्जामिनेशन फीस कम की गई: प्रिंसिपल
वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल ने अभिभावकों के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि एग्जामिनेशन चार्ज को लेकर अभिभावकों की आपत्ति थी। उन्होंने बताया कि पहले परीक्षा शुल्क 2000 रुपये से अधिक था, जिसे कम कर 1720 रुपये कर दिया गया है। वहीं, प्री-नर्सरी कक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। प्रिंसिपल ने कहा कि अभिभावकों में परीक्षा शुल्क बढ़ने को लेकर भ्रम था, जबकि स्कूल ने शुल्क बढ़ाने की बजाय कम किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से किताबों का वजन नहीं बढ़ाया गया है और संस्थान सीबीएसई व सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल कभी भी सरकारी नियमों के खिलाफ कोई कार्य नहीं करता।