Summer express, सुंदर कुंडू , पलवल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल की ओर से गांव धतीर में किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य किसानों को जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के साथ उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम में कृषि विकास अधिकारी जय सिंह, खंड तकनीकी प्रबंधक सुंदर सिंह, सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल शर्मा, राजेंद्र सिंह, राकेश सिंह सहित खंड पलवल के सभी कृषि पर्यवेक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से खेती में बदलती परिस्थितियों के अनुसार फसल चयन करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल कृषि अधिकारी सुनील दत्त ने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए धान की जगह कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि लगातार गिरते भूजल स्तर और बदलते जलवायु परिदृश्य को देखते हुए किसानों को ऐसी फसलों की ओर बढ़ना चाहिए, जिनमें सिंचाई की कम आवश्यकता होती है।
उन्होंने किसानों को कपास की खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह फसल कम पानी और अपेक्षाकृत कम लागत में बेहतर उत्पादन देने की क्षमता रखती है। किसान कपास की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों और बीमारियों की समय रहते पहचान कर उचित प्रबंधन करें। अधिकारियों ने किसानों को कीट एवं रोगों की पहचान, रोकथाम और उपचार के विभिन्न उपायों की जानकारी भी दी।
किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि पराली जलाने के बजाय किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न कृषि मशीनों पर अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों से अपील की गई कि वे इन योजनाओं का लाभ लेकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
सुनील दत्त ने किसानों से मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, मेरा पानी-मेरी विरासत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की अधिकांश योजनाओं का लाभ पंजीकरण के आधार पर ही प्रदान किया जाता है। किसान समय पर पंजीकरण कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।