Summer express/शिमला, 10 अगस्त-: जिला शिमला प्रशासन के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिक्षण संस्थानों को बंद रखने संबंधी एक फर्जी आदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है। प्रशासन ने इस वायरल पत्र को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।वायरल दस्तावेज में जिले के सरकारी और निजी स्कूलों के साथ कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कोचिंग संस्थान और नर्सिंग संस्थानों को बंद रखने का दावा किया गया है। पत्र पर जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, शिमला के नाम और कथित हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित इस पत्र को किसी भी स्थिति में आधिकारिक आदेश न समझा जाए। प्रशासन के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश या उन्हें बंद रखने से संबंधित कोई भी निर्णय केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों और संबंधित विभागों के जरिए ही जारी किया जाता है।प्रशासन ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। बिना सत्यापन ऐसे दस्तावेजों को आगे साझा करने से भी बचें।अधिकारियों ने कहा कि सरकारी अधिकारी के नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करना गंभीर अपराध है। मामले में दस्तावेज प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।