Summer express, हमीरपुर, आरविंदर सिंह। हिमाचल प्रदेश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह शनिवार को हमीरपुर जिले के बड़सर में आयोजित किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़सर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ध्वजारोहण किया और भव्य परेड की सलामी ली। इस दौरान पुलिस, होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस, हरियाणा पुलिस तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों की टुकड़ियों ने मार्चपास्ट में हिस्सा लिया।
समारोह में हिमाचल प्रदेश पुलिस की छठी आईआरबी धौलाकुआं, तृतीय आईआरबी पंडोह, द्वितीय महिला आईआरबी सकोह और हमीरपुर जिला पुलिस के जवान शामिल हुए। उत्तरी रेंज की स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट ने वीआईपी सुरक्षा पर विशेष प्रदर्शन भी किया। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों और बड़सर क्षेत्र के स्कूलों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति तथा लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने तीन वर्ष आठ महीने के कार्यकाल में व्यवस्था परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। अनाथ बच्चों, विधवाओं, एकल महिलाओं, किसानों, बागवानों और युवाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक हिमाचल को विकसित, संपन्न और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करते हुए कहा कि सरकार उन सभी रास्तों को बंद करने का प्रयास कर रही है, जिनसे प्रदेश की संपदा का दुरुपयोग होता रहा है।
सुक्खू ने प्रदेश के आर्थिक हितों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल के हितों की रक्षा की गई है। उनके अनुसार, परियोजना के पावर कंपोनेंट का पूरा खर्च उठाने की हिमाचल की मांग को स्वीकार किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इससे लगभग 600 करोड़ रुपये की वार्षिक आय होने का दावा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेएसडब्ल्यू से 18 प्रतिशत फ्री पावर रॉयल्टी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल को सफलता मिली है, जिससे प्रदेश को हर साल करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। उन्होंने वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के मालिकाना हक को लेकर सरकार की कानूनी लड़ाई का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे प्रदेश के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं। इसके अलावा भाखड़ा, शानन, बैरास्यूल, वाटर सेस और चंडीगढ़ में हिमाचल के हिस्से को लेकर भी सरकार अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
आपदा राहत का उल्लेख करते हुए सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में प्रदेश को गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाई। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता राशि 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये की गई, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता 12,500 रुपये से बढ़ाकर 1,00,500 रुपये की गई।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक खेती की उपज पर एमएसपी देने वाला देश का पहला राज्य है। सरकार प्राकृतिक खेती से पैदा गेहूं के लिए 80 रुपये और मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य दे रही है।
सुक्खू ने आने वाले दो वर्षों में सोलन, ऊना, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर में दूध प्रसंस्करण सुविधाओं पर 150 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से प्रतिदिन पांच लाख लीटर दूध खरीदने की क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मछुआरों के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि के तहत सालाना 3,500 रुपये की सहायता और कोल्ड स्टोरेज के लिए सब्सिडी बढ़ाने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों की पहचान के लिए किए गए सर्वे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के करीब 19 लाख परिवारों में से 1.80 लाख परिवार ऐसे मिले हैं, जिन्हें अतिरिक्त सरकारी सहायता की जरूरत है। इन परिवारों के लिए 2 अक्टूबर से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की घोषणा की गई। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर करना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, असिस्टेंट स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट और रोगी मित्रों के पद भरने की घोषणाएं कीं। उन्होंने विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 330 पीजी सीटें बढ़ाने का निर्णय भी बताया। पीजी विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और मेडिकल कॉलेजों में 100 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने एनएचएम के तहत कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के मासिक प्रोत्साहन को 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने की घोषणा लागू करने की बात कही। एनएचएम कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन और आउटसोर्स स्टाफ के वेतनमान में बढ़ोतरी की घोषणाएं भी की गईं।
रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में 7,500 पद भरने की मंजूरी का उल्लेख किया। पुलिस विभाग में 734 अतिरिक्त कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी और इसके लिए अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट देने की घोषणा की गई। सरकारी स्कूलों में चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर समेत 3,950 कर्मियों की नियुक्ति की भी बात कही गई।
नशे के खिलाफ अभियान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है और इसका दूसरा चरण 7 सितंबर को ऊना से शुरू किया जाएगा। युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए ‘खेलो हिमाचल चिट्टा-मुक्त अभियान’ शुरू करने की घोषणा भी की गई। उन्होंने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े 205 लोगों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है और करीब 400 मामलों में वित्तीय जांच चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। इसके मद्देनजर 17 अगस्त 2026 को राज्य के सरकारी स्कूलों में अवकाश रहेगा।