समर न्यूज | चंडीगढ़
एजेंसी। चंडीगढ़। कौमी इंसाफ मोर्चा के समर्थकों के चंडीगढ़ कूच के दौरान स्वतंत्रता दिवस पर चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के राज्यपाल के आवास लोकभवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही रोक दिया।
बैरिकेड पार करने की कोशिश और कथित पथराव के बाद पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान, उनके बेटे ईमान सिंह मान समेत 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कई स्तरों पर लगाए गए बैरिकेड हटाने की कोशिश की और कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे अपनी मांगें रखने के लिए शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे और पुलिस ने बल
प्रयोग किया। दोनों पक्षों के दावों में अंतर है, इसलिए घटनाक्रम
की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों, जिन्हें प्रदर्शनकारी ‘बंदी सिंह’ कहते हैं, की रिहाई की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं या रिहाई के पात्र हो चुके हैं, फिर भी जेलों में हैं। इस बार प्रदर्शन में पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी ठहराए गए जगतार सिंह हवारा के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग भी उठाई गई।
मोर्चे का कहना है कि आंदोलन को केवल एक कैदी की पैरोल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन सभी सिख बंदियों की रिहाई की मांग की जाएगी जो कानून के अनुसार रिहाई के पात्र हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कुछ बंदी तीन से चार दशक तक जेल में रह चुके हैं। हालांकि प्रत्येक बंदी का मामला अलग है और उसकी रिहाई का निर्णय संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है।