Summer express, नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बाजार की चिंता बढ़ी, जिसमें उन्होंने समाप्त हो रहे अमेरिका-ईरान समझौते को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बढ़ा है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में काफी कम हो गई है।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को पिछले कारोबारी सत्र के 77,728.16 अंक के मुकाबले 77,418.97 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 285.39 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ करीब 77,442.77 अंक पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह एनएसई निफ्टी पिछले बंद स्तर 24,287.65 अंक के मुकाबले 24,223.85 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 57.25 अंक यानी 0.24 प्रतिशत टूटकर करीब 24,230.40 अंक पर था।
हालांकि, व्यापक बाजार में कुछ सूचकांकों में तेजी देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी और एफएमसीजी पर खासा दबाव रहा और दोनों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी और मेटल इंडेक्स में एक प्रतिशत से ज्यादा की मजबूती दिखाई दी।
इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
बीएसई पर M&M, Eternal, Sun Pharma, Maruti, BEL, Tata Steel और Reliance के शेयर शुरुआती कारोबार में प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। वहीं Infosys, IndiGo, Asian Paints, HCL Tech, Tech Mahindra और LT में दबाव देखने को मिला।
एनएसई पर ONGC, M&M, Bajaj Auto, Grasim, Sun Pharma, Coal India और Axis Bank में मजबूती रही। दूसरी ओर Infosys, Bharti Airtel, IndiGo, Hindustan Unilever, Bajaj Finserv और ITC के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
कमोडिटी बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। रिपोर्टिंग के समय ब्रेंट क्रूड करीब 91.41 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड करीब 85.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
लगातार पांचवें सत्र में गिरा निफ्टी
मार्केट एनालिस्ट विपिन डिक्सिना के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और नए सिरे से बढ़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय बाजार पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि निफ्टी लगातार पांच कारोबारी सत्रों से गिरावट में है। पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय रही।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की मजबूत खरीदारी और सोमवार को दिन के निचले स्तर से बाजार की रिकवरी से यह संकेत मिलता है कि घरेलू निवेशक बाजार को कुछ हद तक सहारा दे रहे हैं।
24,200 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। डिक्सिना के अनुसार, बाजार में आगे की गिरावट रोकने के लिए इस स्तर का कायम रहना जरूरी है। वहीं, 24,360 से 24,400 का स्तर तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र है। इस दायरे के ऊपर लगातार टिकने पर निफ्टी में रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।
HSL प्राइम रिसर्च के देवरश वकील ने बताया कि पिछले सत्र में निफ्टी लगातार पांचवें दिन गिरा और 78 अंक टूटकर 24,287 पर बंद हुआ। यह 29 जुलाई के बाद का सबसे निचला बंद स्तर था।
उन्होंने बताया कि भारतीय रुपया भी पिछले सत्र में 17 पैसे कमजोर होकर 95.60 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ और करीब दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये की कमजोरी के पीछे डॉलर की भविष्य की उपलब्धता को लेकर बढ़ी चिंताओं को भी एक कारण माना जा रहा है।
वकील के मुताबिक, निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड फिलहाल कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अपने शॉर्ट टर्म औसत से नीचे कारोबार कर रहा है। निफ्टी के लिए 24,200 के आसपास का स्तर तत्काल सपोर्ट है, जो इसके 50-दिवसीय EMA के करीब है। वहीं, ऊपर की ओर 24,430 और 24,600 के स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकते हैं।