summer express ,अंकुर कपूर ,अंबाला। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। अंबाला छावनी से होकर गुजरने वाली टांगरी नदी का जलस्तर मंगलवार देर रात करीब 12 बजे अचानक बढ़ गया। पानी बढ़ने की सूचना के बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने शाम को ही लोगों को सतर्क करते हुए नदी के आसपास न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की थी।
जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते कई परिवार घरों का जरूरी सामान लेकर छतों पर पहुंच गए, जबकि कुछ लोग टांगरी नदी के बांध पर जाकर बैठ गए। रात में कुछ समय तक नदी का पानी बढ़ा रहा, लेकिन बाद में जलस्तर कम होने लगा। पानी घटने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, टांगरी नदी में कई वर्षों से बारिश के दौरान पानी आने की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि हर बार जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने घरों और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगती है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार की ओर से कुछ स्थानों पर पानी रोकने के इंतजाम किए गए हैं, जिससे वहां पानी का असर कम हुआ है, लेकिन कई हिस्सों में अब भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
पानी कम होने के बाद भी नदी के आसपास के इलाकों में कीचड़ और गंदा पानी जमा है। स्थानीय लोगों और बच्चों को इसी गंदगी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी और कीचड़ के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और सुरक्षित आवागमन के इंतजाम करने चाहिए।
स्थानीय निवासियों ने सरकार से टांगरी नदी में हर साल आने वाले पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानी शुरू हो जाती है। यदि समय रहते ठोस व्यवस्था की जाए तो हर साल पैदा होने वाले बाढ़ जैसे हालात से लोगों को राहत मिल सकती है।
फिलहाल जलस्तर कम होने से लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन नदी के आसपास रहने वाले परिवार अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।