summer express ,यमुनानगर। जिले के देवधर गांव में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं में स्मैक की बढ़ती लत के खिलाफ ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने कड़ा रुख अपनाया है। सरपंच प्रतिनिधि प्रेमचंद शर्मा के नेतृत्व में आयोजित ग्राम महापंचायत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया।
महापंचायत में ग्रामीणों की मौजूदगी में स्मैक बेचने और सेवन करने वाले संदिग्ध 33 युवाओं की सूची तैयार की गई। पंचायत ने तय किया कि सूची में शामिल लोगों के खिलाफ सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि स्मैक की लत के कारण गांव के कई बच्चों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अब इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नशे के कारोबार में शामिल लोगों के परिवारों को सरकारी राशन डिपो से मिलने वाले राशन पर रोक लगाने की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा नशा बेचने वालों के बिजली कनेक्शन कटवाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखने पर सहमति बनी। पंचायत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर सामाजिक और आर्थिक दबाव बनाना है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में नशे का बढ़ता प्रभाव चिंता का विषय है। कई परिवारों के बच्चे और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और नशे के खिलाफ सामूहिक स्तर पर अभियान चलाना जरूरी हो गया है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने या निजी रंजिश के चलते नहीं लिया गया है। इसका उद्देश्य गांव को नशामुक्त बनाना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी नशे की बिक्री और तस्करी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने की मांग की है।