summer express ,गुरुग्राम। मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के दौरान शुक्रवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष वर्धन यादव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने काले झंडे दिखाए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को गुरुग्राम में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के साथ गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में यंग एंटरप्रेन्योर्स से संवाद करने पहुंचे थे। इसी दौरान सिविल लाइंस क्षेत्र में जान हाल के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि गुरुग्राम में जलभराव, खराब सड़कों और दूसरी बुनियादी समस्याओं के कारण लोग लंबे समय से परेशान हैं। उनका कहना था कि सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री लगातार शहर का दौरा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अचानक काले झंडे लहराए, जिसके बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए रास्ता साफ कराया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला आगे बढ़ गया।
कांग्रेस नेताओं ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय में भी कई व्यवस्थागत समस्याएं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि यंग एंटरप्रेन्योर्स से संवाद के साथ छात्रों और विश्वविद्यालय से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गुरुग्राम प्रदेश का प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र है, ऐसे में यहां बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जलभराव, सड़कों की खराब हालत और अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे दावे और जमीनी स्थिति में अंतर दिखाई देता है।