summer express , सुंदर कुंडू, पलवल। ऑटो म्यूटेशन पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में कथित खामियों के विरोध में पलवल जिले में पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर कर्मचारी पटवार घर परिसर में धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा।
एसोसिएशन के जिला प्रधान अमर सिंह भाटी और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि ऑटो म्यूटेशन पोर्टल में लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके कारण जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, इंतकाल और नामांतरण के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई मामलों को तहसील और कानूनगो स्तर पर मंजूरी मिलने के बावजूद नए सॉफ्टवेयर में उनकी प्रविष्टि नहीं हो पा रही है। इससे आम लोगों को रजिस्ट्री और अन्य राजस्व संबंधी दस्तावेजी कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
पटवारियों के अनुसार पुराने राजस्व रिकॉर्ड का पूरा डाटा नए सॉफ्टवेयर में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते जमाबंदी पुराने माध्यम से तैयार करनी पड़ रही है और बाद में उसे नए पोर्टल पर दर्ज करने पर रिकॉर्ड में विरोधाभास की स्थिति बन रही है। कर्मचारियों का दावा है कि प्रदेश में 30 हजार से अधिक इंतकाल पुराने सॉफ्टवेयर में लंबित हैं।
पटवारियों और कानूनगो ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सर्वे के दौरान प्रत्येक खेत की अलग-अलग तस्वीर लेकर उसका विवरण दर्ज करना पड़ता है। एक पटवारी के पास लगभग पांच गांवों का कार्यभार होने के कारण हजारों एकड़ भूमि का सर्वे निर्धारित समय में पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
कर्मचारियों ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की दूरी सीमा बढ़ाने और इसकी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि तकनीकी समस्याओं का असर न केवल विभागीय कामकाज पर पड़ रहा है, बल्कि राजस्व संबंधी सरकारी आय भी प्रभावित हो रही है।
पटवारी एवं कानूनगो यूनियन ने सरकार से मांग की है कि ऑटो म्यूटेशन पोर्टल की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए और डिजिटल फसल सर्वेक्षण से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक हड़ताल और प्रदर्शन जारी रहेगा।