summer express, संजू, हिमाचल प्रदेश। रक्षाबंधन के मौके पर हिमाचल प्रदेश में महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने के कांग्रेस के चुनावी वादे को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। भाजपा विधायक रीना कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की गारंटी दी थी, लेकिन अब तक सभी महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला है।
रीना कश्यप ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं लंबे समय से 1500 रुपये की आर्थिक सहायता का इंतजार कर रही हैं। उनके अनुसार, यह इंतजार अब नाराजगी में बदल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने महिलाओं से किया अपना वादा पूरा नहीं किया और रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी प्रदेश की बहनों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा विधायक ने कहा कि महिलाएं अब केवल हर महीने मिलने वाले 1500 रुपये की ही मांग नहीं कर रही हैं, बल्कि कथित तौर पर लंबित राशि का भी हिसाब चाहती हैं। उन्होंने सरकार से चुनाव के दौरान किए गए वादे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
क्या है महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार बनी। इसके बाद महिलाओं को 1500 रुपये देने का मुद्दा लगातार विपक्ष के निशाने पर रहा है।
राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता देना शुरू किया है। हालांकि, यह लाभ निर्धारित पात्रता और शर्तों के आधार पर दिया जा रहा है। भाजपा विधायक इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठाती रही हैं।
रीना कश्यप ने कहा कि सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय महिलाओं को यह बताना चाहिए कि चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरी तरह कब लागू किया जाएगा। उन्होंने रक्षाबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों से उपहार की उम्मीद करती हैं, लेकिन हिमाचल की महिलाएं सरकार से अपने अधिकार के 1500 रुपये मिलने का इंतजार कर रही हैं।