summer express , रोहतक। विष्णु हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत करने में फोरेंसिक जांच, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही ने अहम भूमिका निभाई। अदालत में पेश किए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों से यह स्थापित करने की कोशिश की गई कि घटनास्थल से मिले कारतूस पूर्व विधायक बाली पहलवान के आवास से बरामद डबल बैरल गन से ही चलाए गए थे।
उप जिला न्यायवादी गजेंद्र मोर और ललित सहरावत के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल से कुल 17 कारतूस बरामद किए थे। जांच के दौरान पूर्व विधायक बाली पहलवान से रिवॉल्वर, राइफल और डबल बैरल गन बरामद की गई थी। इनमें से दो हथियार उन्होंने वारदात के करीब 18 दिन बाद तत्कालीन आईजी के समक्ष आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस को सौंपे थे।
जांच में सामने आया कि पूर्व विधायक के आवास से बरामद डबल बैरल गन और घटनास्थल से मिले कारतूस के बीच फोरेंसिक संबंध पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद कारतूसों में कुछ कारतूस इसी डबल बैरल गन से चलाए गए थे। इससे अभियोजन पक्ष को घटनास्थल और बरामद हथियार के बीच कड़ी जोड़ने में मदद मिली।
मेडिकल रिपोर्ट भी अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आया कि विष्णु और घटना में घायल हुए लोगों को घटनास्थल से बरामद गोलियों से चोटें लगी थीं। इस तरह फोरेंसिक और मेडिकल साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष मजबूत किया।
घायल गवाहों की गवाही भी बनी अहम आधार
मामले में पुलिस ने 340 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी, जिसमें 52 गवाहों को शामिल किया गया था। बसाना गांव के पूर्व सरपंच सीताराम राठी समेत छह घायल गवाह अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण रहे। इन गवाहों ने अदालत में आरोपियों की पहचान की और घटना के संबंध में अपनी गवाही दर्ज कराई।
गवाहों के अनुसार, पूर्व विधायक बाली पहलवान हाथ में रिवॉल्वर लेकर गोलियां चला रहे थे। हालांकि, बचाव पक्ष ने फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गोली डबल बैरल गन से चलने की बात सामने आई है।
इस पर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता तेजवीर अहलावत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि आम व्यक्ति के लिए रिवॉल्वर और गन के बीच तकनीकी अंतर स्पष्ट करना जरूरी नहीं है। अभियोजन पक्ष ने इसी आधार पर घायल गवाहों की प्रत्यक्षदर्शी गवाही और फोरेंसिक साक्ष्यों को एक साथ रखते हुए अपना पक्ष अदालत के सामने रखा।
अदालत ने मामले में पूर्व इनेलो विधायक बाली पहलवान समेत सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।