Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के सरकार के फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने लॉटरी के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि लॉटरी के जरिए सरकार राजस्व जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसका सीधा असर प्रदेश के युवाओं और परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और यहां के लोग ऐसी प्रवृत्तियों से दूर रहे हैं। सरकार आर्थिक संकट का हवाला देकर लगातार नए कर लगा रही है और अब लॉटरी को भी आय का जरिया बनाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें लॉटरी को केवल भाग्य का खेल बताया गया है। उन्होंने कहा कि लॉटरी की शुरुआत लोगों में धीरे-धीरे इसकी आदत को बढ़ावा दे सकती है। जयराम ठाकुर के मुताबिक, हिमाचल में पहले भी लॉटरी के कारण कई परिवार आर्थिक संकट में फंसे और लोगों को जमीन-जायदाद तक बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रदेश वर्ष 1999 के बाद इस प्रवृत्ति से बाहर निकला था, ऐसे में दोबारा उसी दिशा में जाना चिंता का विषय है।जयराम ठाकुर ने भांग की खेती को वैध करने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने समिति गठित की थी, जिसका उद्देश्य अध्ययन और विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करना था, लेकिन समिति ने वैधीकरण की कोई स्पष्ट सिफारिश नहीं की थी।उन्होंने कांग्रेस के रोजगार संबंधी चुनावी वादों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि युवा आज भी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.90 लाख से घटकर 1.72 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, पेंशनर, HRTC और HPTDC के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं। भाजपा बेरोजगारी और कर्मचारियों के मुद्दे पर विधानसभा के भीतर भी सरकार को घेरती रहेगी।