summer express ,तावड़ू। तावड़ू उपमंडल के बेरी राजस्व क्षेत्र में करीब 25 एकड़ जमीन पर पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान विकसित किए गए दो दर्जन से अधिक फार्म हाउस प्रशासनिक जांच में नियमों के विपरीत पाए गए हैं। जांच के बाद प्रशासन ने कार्रवाई के लिए जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग को पत्र भेजा है। ऐसे में अब इन निर्माणों पर जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बेरी क्षेत्र में तेजी से हो रहे निर्माण को लेकर खुफिया विभाग ने भी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी थी। इसके बाद तावड़ू एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने क्षेत्र का दो बार निरीक्षण किया। जांच के दौरान फार्म हाउसों के अलावा वहां तक पहुंचने वाले रास्ते, चारदीवारी और अन्य निर्माण भी नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए।
प्रशासन की ओर से तैयार रिपोर्ट में इन निर्माणों को अवैध बताते हुए नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के आधार पर डीटीपी विभाग को कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है। अब विभाग की ओर से आगामी कदम उठाए जाने का इंतजार है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बेरी क्षेत्र में जमीन की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। यहां एक एकड़ जमीन का भाव करीब पांच से सात करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बेशकीमती जमीन को लेकर भू-माफिया और स्थानीय दलालों की गतिविधियां बढ़ी हैं। कुछ लोगों पर प्रशासनिक प्रभाव का हवाला देकर जमीन की खरीद-फरोख्त और कब्जे के प्रयास करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने फार्म हाउसों की चारदीवारी और अन्य निर्माण में कथित तौर पर अवैध खनन से निकाले गए पत्थरों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। इसके अलावा एक सरकारी अधिकारी की कथित मिलीभगत और संबंधित हल्का पटवारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई के बाद ही इन आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने पहले डीटीपी विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व में कुछ फार्म हाउसों की केवल चारदीवारी तोड़कर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद में उन्हीं दीवारों का दोबारा निर्माण कर लिया गया। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही प्रभावी और लगातार कार्रवाई की जाती तो क्षेत्र में अवैध निर्माण इस स्तर तक नहीं बढ़ते।
फिलहाल प्रशासन की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और डीटीपी विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जा चुका है। अब बेरी क्षेत्र में चिन्हित किए गए फार्म हाउसों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।