summer express ,धर्मवीर ,मंडी। मंडी से कुल्लू के बीच सफर करने वाले लोगों को दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलों के यातायात के लिए खुलने से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से जोखिम भरे पुराने हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों का सफर अब पहले की अपेक्षा सुगम और सुरक्षित हो गया है। टनलों के शुरू होने से जाम और पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे से भी काफी हद तक निजात मिली है।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत मंडी से कुल्लू के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दयोड़-हणोगी के बीच टनलों का निर्माण किया गया है। इनके खुलने से वाहन चालकों को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के संकरे हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम हो गई है। पहले खोतीनाला और जोगणी माता मंदिर के आसपास सड़क संकरी होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। इसके अलावा पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा भी बना रहता था।
पंडोह टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के चेयरमैन परमदेव, जीप चालक कौल सिंह और बस ऑपरेटर दिनेश व डोला राम ने टनलों के खुलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस सुविधा का इंतजार था। अब सफर के दौरान जाम में फंसने और पत्थर गिरने की चिंता कम हुई है। इससे वाहनों की सुरक्षा के साथ ईंधन की भी बचत होगी।
मंडी से कुल्लू की दूरी 78 से घटकर 60 किलोमीटर
फोरलेन परियोजना के पूरा होने के बाद मंडी से कुल्लू की दूरी 78 किलोमीटर से घटकर करीब 60 किलोमीटर रह जाएगी। इससे दोनों शहरों के बीच का सफर लगभग एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, वर्तमान में खुली दयोड़-हणोगी टनलों से ही यात्रियों को करीब ढाई किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ रही है।
इनमें एक टनल की लंबाई करीब 2.8 किलोमीटर और दूसरी की लंबाई 650 मीटर है। पुराने हाईवे से इस हिस्से में करीब छह किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। टनलों के शुरू होने से आगामी कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान भी यात्रियों और पर्यटकों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासी गोपी और महेंद्र पाल तथा पर्यटक गोल्डी राम ने कहा कि टनलों के खुलने से कुल्लू आने-जाने का सफर पहले से अधिक आसान और आरामदायक हो गया है। उन्होंने इस सुविधा के लिए केंद्र सरकार और फोरलेन परियोजना से जुड़े अधिकारियों का आभार जताया।
पंडोह बायपास टकोली फोरलेन परियोजना में कुल 10 टनलों का निर्माण किया गया है। इनमें से पांच टनल पहले ही यातायात के लिए खोली जा चुकी थीं। दयोड़-हणोगी टनल इस परियोजना का प्रमुख प्रवेश द्वार मानी जाती है और इसके खुलने से परियोजना के इस हिस्से में यातायात को और गति मिली है।
परियोजना की तीन टनलें पिछले वर्ष बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिनकी मरम्मत का काम चल रहा है। मरम्मत पूरी होने के बाद इन्हें भी चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।