summer express ,गोहाना। भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर से एक्स-रे फिल्मों के बंडल कार में रखकर बाहर ले जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल भवन के पीछे तीन बाहरी व्यक्तियों को सुरक्षा कर्मियों ने एक्स-रे फिल्मों का बंडल कार में रखते हुए पकड़ लिया। सुरक्षा कर्मियों ने कार से बंडल उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया और इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक को दी।
घटना से जुड़ा पूरा मामला सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुआ है। बताया जा रहा है कि एक्स-रे फिल्मों के दो से तीन बंडल तैयार कर पैक किए गए थे। इनमें से एक बंडल कार में रखा जा चुका था, जबकि पहले से निगरानी कर रहे सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तीनों व्यक्तियों को पकड़ लिया।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई के बाद मामला कॉलेज अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कॉलेज प्रशासन के अधिकारी इस मामले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
कॉलेज के कुछ कनिष्ठ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बरामद की गई एक्स-रे फिल्में पुरानी और इस्तेमाल की हुई थीं। हालांकि, कुछ फिल्मों के नई होने की भी चर्चा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बाहरी लोगों को अस्पताल परिसर से एक्स-रे फिल्मों के बंडल बाहर ले जाने की अनुमति किस आधार पर मिली और इन फिल्मों को कहां ले जाया जा रहा था।
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं गोहाना नगर परिषद के मनोनीत पार्षद बलराम कौशिक ने मामले में कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनका कहना है कि अस्पताल में एक्स-रे कराने वाले कई मरीजों को फिल्म देने के बजाय मोबाइल फोन पर उसकी तस्वीर उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में एक्स-रे फिल्में कहां जा रही हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
बलराम कौशिक ने एक्स-रे फिल्मों को बाहर भेजे जाने के मामले में रेडियोग्राफर रणबीर दलाल की संभावित भूमिका की भी जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई एक्स-रे फिल्में बाहर बेचे जाने और पुरानी फिल्मों को रीसाइकिल कर आर्थिक लाभ कमाने की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कौशिक ने कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज से एक्स-रे फिल्में बाहर ले जाने की गतिविधि लंबे समय से चल रही है तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह पता लगाने की मांग की कि इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं और अस्पताल परिसर से सामग्री बाहर ले जाने की अनुमति किस स्तर पर दी गई।