summer express , कुरुक्षेत्र। प्रदेश स्तर पर निकाय सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद कुरुक्षेत्र में नया विवाद खड़ा हो गया है। ठेकेदारों द्वारा हड़ताल पर गए पुराने कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने से इनकार किए जाने के बाद कर्मचारियों ने फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह छह बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी डीएमसी कार्यालय पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया।
दरअसल, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत काम कराने का प्रयास किया था। इसी दौरान संबंधित ठेकेदारों ने सफाई कार्य और टिप्पर संचालन के लिए नए कर्मचारियों को काम पर रख लिया। शनिवार सुबह जब हड़ताल समाप्त होने के बाद पुराने कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे तो उन्हें काम पर लेने से मना कर दिया गया।
टिप्पर चालकों और सहायकों को वाहन संचालन के लिए चाबियां भी नहीं दी गईं। इससे कर्मचारियों में रोष फैल गया। कुछ ही समय में सैकड़ों कर्मचारी डीएमसी कार्यालय में एकत्रित हो गए और धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल समाप्त होने के बाद उन्हें पहले की तरह काम पर वापस लिया जाना चाहिए।
फिलहाल विवाद के कारण शहर में सफाई कार्य और टिप्परों का संचालन प्रभावित है। कर्मचारियों के धरने के चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। थानेसर इकाई के प्रधान सुनील लोहाट और सर्वकर्मचारी संघ के नेता ओमप्रकाश ने चेतावनी दी कि यदि पुराने कर्मचारियों को वापस काम पर नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि प्रदेश स्तर पर हड़ताल खत्म होने के बावजूद कुरुक्षेत्र में ठेकेदारों के फैसले के कारण कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर पुराने कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लगाने की मांग की है।