summer express , अंकुर कपूर ,अंबाला। अंबाला छावनी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री सूरजकुंड साहिब में अमावस के पवित्र अवसर पर विशेष धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींड़ा भी समागम में शामिल हुए। संगत की ओर से उनका सिरोपा देकर सम्मान किया गया।
समागम के दौरान गुरु साहिब के चरणों में अरदास कर समूची संगत की चढ़दी कला और सिख कौम की सेवा के लिए शक्ति प्रदान करने की कामना की गई। जत्थेदार जगदीश सिंह झींड़ा ने संगत से अपील की कि वह इधर-उधर भटकने के बजाय गुरु ग्रंथ साहिब में अपनी आस्था और विश्वास बनाए रखे।
समागम के बाद मीडिया से बातचीत में जत्थेदार झींड़ा ने गुरुद्वारा श्री पंजोखड़ा साहिब में हुए गुरुसिमरन सिंह मंड मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार और अदालत की प्रक्रिया के बाद सिख संगत के लोगों को रिहा किया गया है। इससे वह और पूरी संगत संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इसी खुशी में संगत ने उनका और उनके साथ पहुंचे जत्थेदारों का सम्मान किया। संघर्ष में शामिल रहे युवाओं को भी सम्मानित किया गया।
जत्थेदार झींड़ा ने कहा कि सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन सिख युवकों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं, उनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में अभी कुछ समय लग सकता है। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गुरुद्वारा श्री पंजोखड़ा साहिब में बुलाकर उनका शुक्राना किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री की चढ़दी कला के लिए अरदास भी की जाएगी।
इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरिम कमेटी के सदस्य सरदार रुपिंदर सिंह, पूर्व सदस्य सरदार सुदर्शन सिंह सहगल, सरदार हरनेक सिंह अंबाला, प्रधान के पीए सरदार शमशेर सिंह झींड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।