summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। अंबाला में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश में लम्पी बीमारी के मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है। शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कई बीमार पशु खुले में घूमते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में इनके उपचार, देखभाल और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
अंबाला में बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूमता नजर आता है। इनमें कई पशु बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं। लम्पी बीमारी को लेकर पशुपालकों के साथ-साथ आम लोगों में भी चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि बेसहारा पशुओं की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को समय पर उपचार और उनकी देखभाल के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
वहीं, इन बेजुबान पशुओं की मदद के लिए वंदे मातरम दल के सदस्य आगे आए हैं। संगठन की टीम सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश की पहचान कर उनके उपचार और देखभाल का प्रयास कर रही है। टीम की ओर से पशुओं को वैक्सीन लगाने समेत अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
वंदे मातरम दल के सदस्यों का कहना है कि बीमार पशुओं को समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। इसके साथ ही बेसहारा गोवंश के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि बीमार पशु खुले में न घूम सकें और संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।
सामाजिक संगठन की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बीच अब प्रशासन और गोसेवा से जुड़े संगठनों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बेसहारा गोवंश की समस्या केवल सामाजिक संगठनों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। प्रशासन को भी बड़े स्तर पर अभियान चलाकर बीमार पशुओं की पहचान, उपचार, टीकाकरण और सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
वंदे मातरम दल के भरत ने बताया कि उनकी टीम अपनी क्षमता के अनुसार बेसहारा पशुओं की मदद कर रही है और बीमार पशुओं के उपचार व टीकाकरण के प्रयास किए जा रहे हैं।