summer express , करनाल। भाजपा विधायक जगमोहन आनंद और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने रिटायर्ड सरकारी स्कूल प्रिंसिपल ईश्वर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 27 अगस्त को डाक के माध्यम से विधायक के नाम धमकी भरा पत्र भेजा था। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
धमकी भरे पत्र में आरोपी ने अपना नाम ‘बलवीर सिंह, एरिया कमांडर, लॉरेंस, हरियाणा’ बताया था। पत्र में विधायक और उनके बेटे की हत्या करने की धमकी देते हुए उनके सिर में AK-47 से 20 गोलियां मारने की बात लिखी गई थी। साथ ही एक महीने के भीतर हत्या करने की धमकी दी गई थी।
पत्र में एनकाउंटर में मारे गए हर्ष का भी उल्लेख किया गया था। आरोपी ने हर्ष की मौत का बदला लेने और विधायक से उसका “ब्याज सहित हिसाब-किताब” चुकाने की बात कही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पत्र में लॉरेंस गैंग का नाम लिखने के पीछे आरोपी की मंशा क्या थी और क्या उसका वास्तव में गैंग से कोई संबंध है।
पुलिस जांच के मुताबिक, ईश्वर सिंह हेलमेट पहनकर बाइक से इंद्री डाकघर पहुंचा था। उसने वहीं से धमकी भरा पत्र डाक के जरिए भेजा। डाकघर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी बाइक का नंबर रिकॉर्ड हो गया था। पुलिस ने बाइक नंबर के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंच गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
ईश्वर सिंह मूल रूप से करनाल की सीएचडी सिटी का रहने वाला बताया जा रहा है। वह इंद्री के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है और सेवानिवृत्त हो चुका है।
मामले की जांच के दौरान आरोपी के बेटे मुकेश की कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें पूंडरी विधायक सतपाल जांबा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ उसकी तस्वीरें शामिल हैं। बताया गया है कि चुनाव के दौरान मुकेश ने सतपाल जांबा के सोशल मीडिया अकाउंट का काम संभाला था और अभी भी उनके सोशल मीडिया से जुड़ा कार्य देखता है।
विधायक जगमोहन आनंद इससे पहले करनाल में हुए हर्ष एनकाउंटर को लेकर विवादों में आए थे। 5 अगस्त को बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अगले दिन परिजन और समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान विधायक मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने कहा था कि शाम तक उन्हें “रिजल्ट” मिल जाएगा। उसी शाम पुलिस ने रोड़ समाज से जुड़े हर्ष और बीरबल को एनकाउंटर में मार गिराया था।
इसके बाद रोड़ समाज के लोगों ने विधायक के बयान को एनकाउंटर से जोड़ते हुए उनकी भूमिका पर सवाल उठाए थे। समाज की ओर से मामले की सीबीआई जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और विधायक से माफी की मांग को लेकर पंचायतें और प्रदर्शन किए गए थे।
विवाद बढ़ने के बाद 30 अगस्त को विधायक जगमोहन आनंद ने रोड़ समाज के लोगों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि यदि उनकी किसी बात से समाज को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
फिलहाल पुलिस ईश्वर सिंह से पूछताछ कर रही है। जांच में उसके कथित लॉरेंस गैंग कनेक्शन, धमकी भरा पत्र भेजने की वजह और पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जानकारी जुटाई जा रही है।