समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संगरूर के गुलजार सिंह की मौत के मामले में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को आरोपी बनाए जाने के सवाल पर याचिकाकर्ता से स्पष्टीकरण मांगा। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
याचिका में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई थी। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करने से इनकार करते हुए पंजाब सरकार को जांच की प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि मामले में उचित जांच सुनिश्चित की जाए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि गुलजार सिंह ने मौत से पहले बनाए गए वीडियो में मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत कुछ लोगों पर आरोप लगाए थे, लेकिन मंत्री को प्राथमिकी में आरोपी नहीं बनाया गया। इस पर पीठ ने सवाल किया कि मंत्री को किस आधार पर मामले में आरोपी बनाया जा सकता है।
अदालत ने कहा कि मामले में पहले से ही सरपंच समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। वर्तमान प्राथमिकी संगरूर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज है।
पुलिस ने गठित की थी एसआईटी
गुलजार सिंह संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव के रहने वाले थे। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने क्षेत्र में चिट्टा बिकने और अपने बेटे के नशे की लत से जुड़ी समस्या का मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया था। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें गांव के सरपंच समेत अन्य लोग शामिल हैं।
{वीडियो को लेकर विवाद
गुलजार सिंह की मौत से पहले सामने आए वीडियो में उन्होंने कुछ लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच में पर्याप्त तरीके से पड़ताल नहीं की गई। इसी आधार पर राज्य पुलिस की जांच को किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की गई। हालांकि, अदालत ने फिलहाल सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया है और राज्य से जांच की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी है।
अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को
इस मामले में अदालत ने पंजाब सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अदालत का निर्देश जांच को उचित तरीके से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। गुलजार सिंह की मौत को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप हुए हैं। विपक्षी दलों ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका की जांच और स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि सरकार की ओर से मामले की जांच राज्य पुलिस के स्तर पर की जा रही है। अब मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।