सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज़
मोहाली में 5 करोड़ रुपए की रंगदारी वसूलने के लिए कोठियों पर फायरिंग करने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी पिस्टल समेत पांच ऑटोमैटिक पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल टेंपरेरी नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मोहाली में तीन अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग की थी।
तीनों मामलों में विदेश में बैठे गैंग से जुड़े कुलवीर सिंह सिद्धू द्वारा पीड़ितों से 5-5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने की बात सामने आई है। एसएसपी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि डीजीपी पंजाब गौरव यादव और डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह के दिशा-निर्देशों पर पुलिस टीमों ने मामलों की जांच करते हुए आरोपियों को ट्रेस किया। सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह बाजवा और ऑपरेशन सेल प्रभारी इंस्पेक्टर हरमिंदर सिंह की टीमों ने तकनीकी जांच और ह्यूमन सोर्स की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तार आरोपियों में आकाशदीप सिंह (23), सेक्टर-35ए चंडीगढ़; प्रवीण कुमार उर्फ कालू (23), लहरा सौधा, बठिंडा; जस्मनदीप सिंह (20), अंसल कॉलोनी, सेक्टर-114 खरड़; दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी (27), शेखपुरा, जगाधरी, के नाम शामिल हैं। पुलिस से इनसे दो विदेशी .30 बोर पिस्टल, तीन .30 बोर पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और वारदात से पहले व बाद में इस्तेमाल की गई टेंपरेरी नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, पहली वारदात 4/5 सितंबर की रात फेज-10 स्थित मकान नंबर 1959 में संजय जडेजा के घर पर हुई। दो बाइक सवारों ने ऑटोमैटिक हथियारों से घर पर फायरिंग की। इससे पहले विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू द्वारा संजय जडेजा से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।
दूसरी वारदात 7 सितंबर को फेज-10 स्थित मकान नंबर 2459 में हुई। यहां संजय जडेजा के पार्टनर बलजीत सिंह के घर को निशाना बनाकर दो बाइक सवारों ने फायरिंग की।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भी 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।
तीसरी वारदात 14 सितंबर को सेक्टर-104 स्थित मकान नंबर 269 में फिल्म प्रोड्यूसर जगदीप सिंह मान के घर पर हुई। इस दौरान घर में काम कर रहा सचिन गोली लगने से घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, जगदीप सिंह मान से भी 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।
रैकी से हथियारों तक अलग-अलग बांटी थी जिम्मेदारी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए थे और बुड़ैल जेल में बंद रविंदर सिंह उर्फ काली के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार, काली जेल से गैंग की गतिविधियां संचालित करता था। आरोपी विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में भी थे। पुलिस के मुताबिक, जस्मनदीप सिंह वारदात से पहले लक्षित मकानों की रैकी करता था, जबकि दुशंत शर्मा हथियारों को संभालता था। आकाशदीप सिंह, प्रवीण कुमार और उनका एक अन्य साथी सिमरदीप सिंह उर्फ जशन फायरिंग करते थे।
एक आरोपी फरार, काली को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस
पुलिस ने बताया कि सिमरदीप सिंह उर्फ जशन की गिरफ्तारी अभी बाकी है। वहीं, बुड़ैल जेल में बंद रविंदर सिंह उर्फ काली को पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों और हथियारों के नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पुलिस को पूछताछ के दौरान और वारदातों का खुलासा होने तथा अतिरिक्त अवैध हथियार बरामद होने की उम्मीद है।