summer express ,बलिंदर कुमार, कैथल। जिले की अनाज मंडियों में 1509 किस्म की धान की आवक लगातार बढ़ रही है। आवक बढ़ने के साथ ही मंडियों में खरीद प्रक्रिया भी तेज हो गई है। हालांकि मंडियों में पहुंच रही अधिकांश धान में नमी अधिक होने के कारण किसानों को फसल सुखाने के लिए उसे मंडी के फड़ों पर फैलाना पड़ रहा है।
शहर की मंडियों में अब तक करीब 45 हजार क्विंटल पीआर धान की आवक हो चुकी है। इस सीजन में किसानों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें पिछले वर्ष की तुलना में धान का भाव करीब 700 से 900 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहा है। बेहतर भाव मिलने से किसानों में उत्साह है।
मंडी कारोबारियों के अनुसार अभी धान की आवक शुरुआती चरण में है। अगले करीब एक सप्ताह में पीआर धान की कटाई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मंडियों में आवक और बढ़ सकती है। आवक बढ़ने के साथ खरीद, उठान और फसल सुखाने की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है।
आढ़ती रामनिवास मित्तल ने बताया कि शुरुआती दिनों में धान में नमी अधिक होने के कारण किसानों को फसल सुखाने में अतिरिक्त समय लग रहा है। जैसे-जैसे कटाई का दायरा बढ़ेगा, मंडियों में धान की आवक भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में फसल की समय पर खरीद और उठान के साथ मंडी व्यवस्था को सुचारू रखना जरूरी होगा।
कैथल राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान तरसेम गोयल ने कहा कि धान की गुणवत्ता और नमी खरीद व मिलिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। निर्धारित स्तर के आसपास नमी आने पर फसल की खरीद और आगे की प्रक्रिया अधिक सुचारू तरीके से हो सकेगी। आने वाले दिनों में पीआर धान की आवक बढ़ने के साथ राइस मिलों तक धान पहुंचने का क्रम भी तेज होने की उम्मीद है।
मंडी कारोबारियों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले किसानों को बेहतर भाव मिलना सकारात्मक संकेत है। अब किसानों और आढ़तियों की नजर आने वाले दिनों में धान की आवक, भाव और खरीद व्यवस्था पर बनी हुई है।