Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:धर्मशाला में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने बेरोजगारी, पेपर लीक, नशे की समस्या और शिक्षा में समान अवसर जैसे कई गंभीर सवाल हैं, जिन पर लगातार चर्चा और कार्रवाई की जरूरत है।
उदय भानु चिब ने कहा कि युवा कांग्रेस की ओर से युवाओं को नशे से दूर रखने और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘नौकरी दो, नशा नहीं’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।चिब ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने युवाओं के लिए समान शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच अवसरों को लेकर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
हिमाचल में पटवारी भर्ती प्रक्रिया में देरी के सवाल पर चिब ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने केंद्र से हिमाचल को पर्याप्त सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाया और इसे राजनीतिक भेदभाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए।जेन-जी को लेकर चिब ने कहा कि युवाओं के बीच स्वीकार्यता के लिए खुद जेन-जी बनने की जरूरत नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं और सवालों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सवाल करती है और अपने स्तर पर मुद्दों को समझकर निर्णय लेती है।दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव में एनएसयूआई की हार पर उन्होंने कहा कि चुनावी परिणाम को पूरी जेन-जी की राजनीतिक पसंद से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवारों को मिले समर्थन का भी उल्लेख किया।इंदौर में मिमिक्री को लेकर उठे विवाद पर चिब ने कहा कि राजनीतिक विवादों के बजाय बेरोजगारी, पेपर लीक, नशे और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।