summer express , हिसार। सातरोड कलां से गिरफ्तार किए गए अजीत पहलवान गैंग के शॉर्प शूटर सुमित उर्फ पिन्नी को गैंग सरगना अजीत पहलवान ने हथियार उपलब्ध करवाए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिन्नी के निशाने पर विनोद पान्नू गैंग से जुड़े लोगों समेत आठ व्यक्ति थे। हालांकि, पुलिस ने उसकी योजना को अंजाम देने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
सीआईए ने आरोपी सुमित उर्फ पिन्नी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस उससे हमले की कथित योजना, हथियारों की सप्लाई और गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ करेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिन्नी के निशाने पर नरेश मोठ, मोनू हसनगढ़, कपिल बालसमंद, सज्जन बालसमंद, अनिल भगाना और दिनेश पूनिया समेत आठ लोग थे। कपिल और सज्जन बालसमंद को विनोद पान्नू गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है और दोनों सगे भाई हैं। दोनों पर बालसमंद निवासी संदीप उर्फ दीपी जांगड़ा की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
बताया गया है कि संदीप उर्फ दीपी पहले पान्नू गैंग से जुड़ा हुआ था। एक बैंक डकैती के मामले में गिरफ्तारी के बाद उसने कथित तौर पर गैंग के सदस्यों के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। इसके बाद गैंग के साथ उसका विवाद बढ़ गया था। वहीं, नरेश मोठ और मोनू हसनगढ़ को भी पुलिस वांछित गैंगस्टर के तौर पर तलाश रही है।
पिन्नी के कब्जे से तुर्किये निर्मित पिस्तौल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में दो तुर्किये मेड पिस्तौल, 75 कारतूस और तीन मैगजीन शामिल हैं। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई और उनके स्रोत की भी जांच कर रही है।
रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि पिन्नी हमले को कब और किस तरीके से अंजाम देने की योजना बना रहा था। इसके अलावा, उसके साथ जुड़े अन्य आरोपियों के ठिकानों और गैंग सरगना अजीत पहलवान की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जाएगी।